✦ Personalised reports on your WhatsApp in 48 hrs · Get your free Kundli →
Bramh Kamal
विष्णु
Vishnu

Jai Lakshmi Ramana

जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा। सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा॥ जय लक्ष्मी रमणा। रत्न जड़ित सिंहासन, अद्भुत छवि राजै। नारद करत निरंजन, घंटा ध्वनि बाजै॥ जय लक्ष्मी रमणा। प्रकट भये कलि कारण, द्विज को दरस दियो। बूढ़ा ब्राह्मण बनकर, कंचन महल कियो॥ जय लक्ष्मी रमणा। दुर्बल भील कठारो, जिन पर कृपा करी। चंद्रचूड़ एक राजा, तिनकी विपत्ति हरी॥ जय लक्ष्मी रमणा। वैश्य मनोरथ पायो, श्रद्धा तज दीन्ही। सो फल भोग्यो प्रभुजी, फिर स्तुति कीन्ही॥ जय लक्ष्मी रमणा। भाव भक्ति के कारण, छिन-छिन रूप धरयो। श्रद्धा धारण कीन्ही, तिनको काज सरयो॥ जय लक्ष्मी रमणा। ग्वाल बाल संग राजा, वन में भक्ति करी। मनवांछित फल दीन्हो, दीनदयाल हरी॥ जय लक्ष्मी रमणा। श्री सत्यनारायण जी की आरती, जो कोई नर गावे। कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा।


All Rights Reserved by Bramh Kamal

Astrology reports and consultations offered by BramhKamal are intended for guidance, self-reflection, and personal insight. They are not a substitute for professional medical, legal, financial, or mental health advice.