✦ Personalised reports on your WhatsApp in 48 hrs · Get your free Kundli →
Bramh Kamal
कृष्ण
Krishna

Shri Krishna Govind Hare Murari

सच्चिदानंद रूपाय, विश्वोत्पत्यादिहेतवे। तापत्रय विनाशाय, श्रीकृष्णाय वयं नमः॥ श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा। पितु मात स्वामी, सखा हमारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा॥ बंदीगृह के, तुम अवतारी। कहीं जन्मे, कहीं पले मुरारी। किसी के जाये, किसी के कहाये। है अद्भुत, हर बात तिहारी॥ गोकुल में चमके, मथुरा के तारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा॥ अधर पे बंशी, हृदय में राधे। बंट गए दोनों में, आधे आधे॥ हे राधा नागर, हे भक्त वत्सल। सदैव भक्तों के, काम साधे॥ यह संदेश तुम्हीं से पाया। अमर है गीता के बोल सारे। हे नाथ नारायण वासुदेवा॥ श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा॥


All Rights Reserved by Bramh Kamal

Astrology reports and consultations offered by BramhKamal are intended for guidance, self-reflection, and personal insight. They are not a substitute for professional medical, legal, financial, or mental health advice.